मुख्य बातें
- IGST Act की धारा 12(3) के तहत होटल आवास के लिए प्लेस ऑफ़ सप्लाई प्रॉपर्टी का स्थान है, इसलिए स्टे पर सामान्यतः होटल के राज्य का CGST और SGST लगता है।
- चूँकि GST रजिस्ट्रेशन राज्य-वार होता है, उस क्रेडिट का उपयोग केवल होटल के राज्य में पंजीकृत GSTIN के माध्यम से किया जा सकता है।
- दूसरे राज्य के हेड ऑफ़िस GSTIN पर, या बिना किसी GSTIN के, बिल किया गया स्टे आमतौर पर GST को खर्च बना देता है, जब तक इनवॉइस सुधारा न जाए।
एक्सपेंस रिपोर्ट पर एयरलाइन GST और होटल GST एक जैसे दिखते हैं। GST कानून के तहत दोनों बहुत अलग तरह से काम करते हैं। होटल स्टे के लिए निर्णायक बात यह नहीं है कि आपकी कंपनी कहाँ पंजीकृत है या यात्री कहाँ से है। निर्णायक बात यह है कि होटल कहाँ स्थित है। इसमें गलती होना सबसे आम कारणों में से एक है जिनसे होटल GST क्रेडिट के बजाय खर्च बन जाता है।
नियम: होटल का स्थान तय करता है
IGST Act की धारा 12(3) अचल संपत्ति से सीधे जुड़ी सेवाओं के लिए प्लेस ऑफ़ सप्लाई तय करती है। इसमें विशेष रूप से होटल, सराय, गेस्ट हाउस, होम स्टे, क्लब या कैंपसाइट द्वारा दिया गया आवास शामिल है। इन सेवाओं के लिए प्लेस ऑफ़ सप्लाई प्रॉपर्टी का स्थान है।
इसलिए होटल और प्लेस ऑफ़ सप्लाई एक ही राज्य में होते हैं। इससे स्टे राज्य के भीतर की (इंट्रा-स्टेट) सप्लाई बन जाता है, जिस पर होटल के राज्य का केंद्रीय टैक्स और राज्य टैक्स लगता है, चाहे मेहमान की कंपनी किसी भी राज्य में पंजीकृत हो।
बिज़नेस स्टे पर टैक्स कैसे लगता है
| प्रश्न | होटल स्टे के लिए उत्तर |
|---|---|
| प्लेस ऑफ़ सप्लाई | वह राज्य जहाँ होटल स्थित है |
| लगने वाला टैक्स | उस राज्य का CGST और SGST |
| इनवॉइस पर GSTIN | उस राज्य में आपका रजिस्ट्रेशन, जहाँ आपके पास हो |
| क्रेडिट का उपयोग कहाँ हो सकता है | केवल उस राज्य में पंजीकृत GSTIN के माध्यम से |
स्रोत: IGST Act, 2017, धारा 12(3); CGST Act, 2017, धारा 16।
क्रेडिट क्यों अटक जाता है
GST रजिस्ट्रेशन राज्य-दर-राज्य होता है। हरियाणा में पंजीकृत कंपनी अपने हरियाणा GSTIN के माध्यम से महाराष्ट्र के राज्य टैक्स का क्रेडिट नहीं ले सकती। इसलिए जब गुरुग्राम ऑफ़िस का कोई यात्री मुंबई के होटल में चेक-इन करता है और हेड ऑफ़िस का GSTIN देता है, तो होटल फिर भी महाराष्ट्र का CGST और SGST लगाता है, लेकिन इनवॉइस ऐसे रजिस्ट्रेशन पर बनता है जो उसका उपयोग नहीं कर सकता।
यदि कंपनी के पास महाराष्ट्र GSTIN है, तो समाधान यह है कि इनवॉइस उस रजिस्ट्रेशन पर जारी करवाया जाए। यदि होटल के राज्य में उसका कोई रजिस्ट्रेशन नहीं है, तो स्टे पर लगा GST आमतौर पर क्लेम नहीं किया जा सकता और वह यात्रा का खर्च है।
इनवॉइस पर दर्ज रजिस्ट्रेशन होटल के राज्य से मेल खाना चाहिए, यात्री के होम ऑफ़िस से नहीं। यह चेक-इन पर तय होता है, इसलिए यह जितना टैक्स का मुद्दा है उतना ही ट्रैवल डेस्क का भी।
एक उदाहरण
मान लीजिए एक कंपनी हरियाणा, महाराष्ट्र और कर्नाटक में पंजीकृत है (उदाहरणात्मक)। गुरुग्राम ऑफ़िस के तीन कर्मचारी एक ही सप्ताह में यात्रा करते हैं।
तीन स्टे, तीन परिणाम
उदाहरणात्मक
| होटल का स्थान | इनवॉइस पर GSTIN | लगा टैक्स | परिणाम |
|---|---|---|---|
| मुंबई | महाराष्ट्र | CGST और SGST | सामान्य शर्तों के अधीन क्लेम योग्य |
| बेंगलुरु | हरियाणा | CGST और SGST | गलत रजिस्ट्रेशन पर बिल; कर्नाटक GSTIN पर सुधार ज़रूरी |
| चेन्नई | हरियाणा | CGST और SGST | तमिलनाडु में कोई रजिस्ट्रेशन नहीं; आमतौर पर खर्च |
स्रोत: TraCarta का उदाहरणात्मक उदाहरण।
तीनों स्टे की लागत लगभग एक जैसी हो सकती है। जैसा बिल बना, उसमें से केवल एक से उपयोग योग्य क्रेडिट मिलता है। दूसरा ठीक किया जा सकता है, लेकिन तभी जब कोई इस पर ध्यान दे और समय रहते होटल से सुधरा हुआ इनवॉइस माँगे।
जब टैक्स प्रकार गलत हो
कुछ होटल IGST लगाते हैं क्योंकि मेहमान की कंपनी दूसरे राज्य में पंजीकृत है। आवास के लिए प्लेस ऑफ़ सप्लाई नियम के तहत, इसके बजाय सामान्यतः होटल के राज्य का CGST और SGST देय होता है। गलत टैक्स प्रकार वाला इनवॉइस नियम के अनुरूप नहीं है और होटल को उसे सुधारना चाहिए। हर इनवॉइस पर केवल GSTIN ही नहीं, टैक्स प्रकार की भी जाँच करना उचित है।
फ़ाइनेंस टीमें क्या कर सकती हैं
- ट्रैवल डेस्क को राज्य-वार GSTIN सूची देंहर बुकिंग पर उस राज्य का रजिस्ट्रेशन होना चाहिए जहाँ होटल स्थित है।
- हर इनवॉइस पर GSTIN और टैक्स प्रकार जाँचेंउनकी तुलना होटल के राज्य से करें, यात्री के ऑफ़िस से नहीं।
- सुधार योग्य और असुधार्य स्टे को अलग करेंजिस राज्य में आप पंजीकृत हैं, वहाँ गलत रजिस्ट्रेशन सुधारा जा सकता है। जिन राज्यों में आपका कोई GSTIN नहीं है, वहाँ के स्टे पर आमतौर पर क्रेडिट नहीं मिल सकता।
- सुधार का अनुरोध जल्दी करेंCGST Act की धारा 16(4) के तहत किसी वित्तीय वर्ष का क्रेडिट अगले वर्ष के 30 नवंबर या वार्षिक रिटर्न की तारीख, जो भी पहले हो, तक क्लेम करना होता है।
- देखें कि स्टे कहाँ हो रहे हैंबिना रजिस्ट्रेशन वाले किसी राज्य में स्टे का नियमित पैटर्न ऐसी जानकारी है जो टैक्स टीम के साथ साझा करनी चाहिए।
होटल क्रेडिट चेक-इन पर तय होता है। जब तक इनवॉइस फ़ाइनेंस तक पहुँचता है, राज्य उस पर दर्ज हो चुका होता है।Ashish Kumar, मैनेजिंग पार्टनर
TraCarta कैसे मदद करता है
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स्रोत
- CBIC, IGST Act, 2017 (धारा 12)
- CBIC, CGST Act, 2017 (धारा 16 और 17)
- CBIC, CGST Rules, 2017 (नियम 46)

केवल सामान्य जानकारी, कर सलाह नहीं। कार्रवाई से पहले वर्तमान कानून और अपने तथ्यों की जाँच करें।



